पाकिस्तान में महंगाई के कारण हुआ लोगों का बुरा हाल
पाकिस्तान दुनिया के मंच पर कितना भी जम्मू कश्मीर का मुद्दा उठा ले मगर फिर भी वह अपने देश के आंतरिक परेशानियों से बच नहीं सकता। वास्तविकता यह है कि आज पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति बहुत ही गंभीर हो चुकी है। वहां पर फलों और सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं। साल दर साल महंगाई के कारण सितंबर में महंगाई 11.4 फिर जी तक पहुंच गई है। महंगाई के कारण लोगों का बुरा हाल हुआ है।
पाकिस्तान सांख्यिकी ब्यूरो के मुताबिक पिछले महीने की तुलना में इस वर्ष महंगाई 0.77% बढ़ी है। पाकिस्तान की जनता लगातार बढ़ती महंगाई के कारण चिंतित है। परंतु पाकिस्तान की सरकार अभी भी अपने देश की आर्थिक स्थिति को सुधारने का कोई भी प्रयास नहीं कर रही है।
क्या कहती है आईएमएफ की रिपोर्ट
इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड की रिपोर्ट के मुताबिक माने तो इस वित्तीय वर्ष में पाकिस्तान की महंगाई दर 13 फ़ीसदी तक रहने वाली है। परंतु पाकिस्तानी सरकार के मुताबिक पाकिस्तान में महंगाई केवल 11 फ़ीसदी ही रहने की घोषणा की गई थी। परंतु 11 फ़ीसदी की महंगाई दर पाकिस्तान ने पिछले महीने ही पार हो चुकी है। ऐसे में जनता को और मुसीबत झेलनी पड़ सकती है।
जब से पाकिस्तान में इमरान खान ने प्रधानमंत्री का पद संभाला है तब से पाकिस्तान में विकास के नाम पर कुछ भी देखने को नहीं मिला है। इमरान खान ने चुनाव के वक्त पाकिस्तान को नया पाकिस्तान बनाने का वादा किया था। परंतु पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति दिन-प्रतिदिन और भी बदतर होती जा रही है।
इस कारण है लोगों का बुरा हाल
पाकिस्तान अपना कर्ज चुकाने के लिए और भी अधिक कर्जा ले रहा है 2018 में पाकिस्तान की जीडीपी 5.5 किस की थी जो कि इस वर्ष 3.3 फ़ीसदी तक आ गई है। पाकिस्तान का घाटा जीडीपी का 7.1% है जो कि 10 सालों के उच्चतम स्तर पर है। वहीं महंगाई 13 फ़ीसदी पार करने वाली है यह भी 10 सालों के उच्चतम स्तर पर है।
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